नई दिल्ली, जुलाई 16 -- एआई का बढ़ता प्रभाव, महंगाई, गिग वर्क बढ़ने और अधिक लचीले कामकाज की जरूरत के कारण भारत की जेन-जी अब सिर्फ एक नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय कमाई के कई नए स्रोत तलाश रही है। साथ ही उनके लिए शहरों में रोजाना लंबा सफर भी बड़ी चुनौती बन गया। स्विट्जरलैंड की अंतरराष्ट्रीय वर्कप्लेस ग्रुप (आईडब्ल्यूजी) कंपनी की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई। एआई बदल देगा करियर यह भी पढ़ें- 7 लाख सैलरी, 2 कंपनियों के लिए नौकरी, पर सता रहा एक खौफ, 16 घंटे काम करने वाली इंजीनियर की कहानी वायरलकरियर से जुड़े निर्णय रिपोर्ट के अनुसार, जेन-जी युवा पीढ़ी अब पोर्टफोलियो करियर अपना रहे हैं। वे भविष्य में आर्थिक और तकनीकी अनिश्चितताओं से निपटने के लिए एक साथ कई तरह के काम और कमाई के स्रोत देख रहे हैं। 55 प्रतिशत जेन-जी का मानना है कि एआई उनके करियर...