नई दिल्ली, जुलाई 27 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता 'सहकार से समृद्धि' के दृष्टिकोण के तहत भारत का सहकारी आंदोलन परिवर्तन के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पेशेवर, पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक आधारित और सदस्यों द्वारा संचालित सहकारी संस्थाओं का निर्माण जरूरी है। उक्त बातें सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने सोमवार को सहकारिता मंत्रालय के अटल अक्षय ऊर्जा भवन सभागार में पुस्तक 'कोऑपरेटिव मैनेजमेंट: द इंडियन पर्सपेक्टिव्स (नर्चरिंग कोऑपरेशन थ्रू कोऑपरेटिव्स)' के विमोचन अवसर पर कही।

सहकारी शिक्षा और नेतृत्व विकास उन्होंने कहा कि सहकारी शिक्षा, नेतृत्व विकास और प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना ऐसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सहकारी उद्यमों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो भारत के आर्थ...