पिथौरागढ़, मार्च 20 -- 6 साल बाद भारत और चीन के रिश्ते में एक नई शुरुआत होने जा रही है। दोनों देश '6 साल से बंद उस ताले' को खोलने जा रहे हैं, जिसकी वजह से उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से व्यापार बंद है। इस साल जून से लिपुलेख बॉर्डर के जरिए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। 2020 में कोरोना महामारी की दस्तक के साथ इस रास्ते कारोबार बंद कर दिया गया था। बाद में गलवान घाटी में हुई भिड़ंत और तनाव की वजह से सदियों पुराना यह कारोबारी रास्ता बंद ही रहा। विदेश मंत्रालय ने पिथौड़ागढ़ प्रशासन को दोबारा व्यापार शुरू किए जाने को लेकर अधिसूचित किया है। डीएम ए के भटगई ने बताया कि उन्होंने तैयारी के लिए मीटिंग भी बुलाई थी। गौरतलब है कि लिपुलेख दर्रे के दक्षिणी हिस्से को लेकर नेपाल ने भी अपना दावा जताया था। वह कालापानी और लिंपियाधुरा पर अपना हक जता रहा है, जो ब्...
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