नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- कुआलालंपुर में अमेरिका और भारत के बीच 10 साल के रक्षा समझौते को अंतिम रूम दे दिया गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस समझोते पर साइन किए हैं। आपसी समन्वय बढ़ाने और क्षेत्रीय शांतिके लिए मिलकर काम करने के साथ ङी जानकारी और तकनीक साझा करने के लिए यह समझौता बेहद अहम है। जानकारों का कहना है कि 10 साल के लिए किया गया यह समझौता दोनों देशों के सैन्य रिश्तों को मजबूती देगा। आइए जानते हैं इससे भारत को क्या फायदा होगा। बता दें कि यह रक्षा समझौता कोई नया नहीं है। यह समझौता भारत और चीन के बीच युद्ध खत्म होने के बाद 1962 में पहली बार हुआ था। अमेरिका ने इस युद्ध में भारत की मदद की थी। इसके बाद 1984 में एक और समझौता हुआ जिसमें तकनीक ट्रांसफर करने की बात कही गई थी। 1986 में पहली बार अमेरिकी रक्...