सीवान, अक्टूबर 5 -- महाराजगंज। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपरा, कला और जीवन-मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। विभिन्न जिलों से आने वाले प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की विविध लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करेंगे। विद्यालय के आचार्य, सेवक-सेविकाएं और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित बनाने में जुटे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य शंभू शरण तिवारी ने कहा कि प्रांतीय संस्कृति महोत्सव विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। आयोजन की सफलता के लिए विद्यालय परिवार का प्रत्येक सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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