भारतीय संस्कृति में गुरू का स्थान सर्वोच्च: स्वामी रसिक महाराज
रिषिकेष, जुलाई 28 -- गीता आश्रम में मंगलवार से आयोजित तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच अखण्ड रामायण पाठ का विधिवत भोग डाला गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुरु परम्परा का स्मरण किया। स्वर्गाश्रम स्थित गीता आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही शिष्य के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु-शिष्य परम्परा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने युगों-युगों से धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया है। यह भी पढ़ें- Lucknow News...
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