मुरादाबाद, सितम्बर 22 -- शिक्षक सम्मान समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. अरविंद कुमार गोयल ने गुरु की महिमा के बारे में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। उन्होंने कबीर के प्रसिद्ध दोहे गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय का उल्लेख करते हुए शिक्षकों को नमन किया। डॉ. गोयल ने कहा कि शिक्षक का कर्तव्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि समाज को सुधारना भी है। शिक्षकों के सम्मान से बड़ा कोई सम्मान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ उनमें संस्कार पैदा करते हैं और नैतिक भाव विकसित करते हैं। यही संस्कार आगे चलकर बेहतर समाज की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनक...