प्रयागराज, मार्च 31 -- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर में 'भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता का विकास' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि भारतीय संस्कृति 'नित नूतन, चिर पुरातन' है और विकसित भारत का मार्ग भारतीय दर्शन से प्रशस्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों को समझकर ज्ञान-विज्ञान से जुड़ने का आह्वान किया। अध्यक्षता निदेशक प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर सौरभ सिंह, काव्यांशी कुमारी, अर्पित त्रिपाठी, अनन्या और हर्षिता सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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