पटना, जनवरी 14 -- बिहार लोक भवन में बुधवार को मकर संक्रांति उत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर आरिफ मोहम्मद खां ने कहा कि मकर संक्रांति एक अनूठा त्योहार है। यह भारतीय संस्कृति की आत्मा का परिचायक है। राज्यपाल ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन उस परिवर्तन का उत्सव मनाया जाता है, जो काफी धीरे-धीरे और अत्यंत सहज व शांत रूप से घटित होता है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है। दुनिया में यह त्योहार सिर्फ भारत में ही मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन अवश्यंभावी है और इसे रोका नहीं जा सकता, किंतु जो परिवर्तन धीरे-धीरे आता है वही स्थायी और टिकाऊ होता है। विश्व में अनेक क्रांतियां हुईं, लेकिन उनका प्रभाव 10, 20 या 50 वर्षों में समाप्त हो गया। भारतीय संस्कृति में क्रांति के स्थान पर संक्रांति की अवधारणा है, जिसमें क्रमिक पर...