नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- भारत की अध्यक्षता में 26-27 अक्तूबर को आयोजित होने जा रहे ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में सर्वोत्तम संसदीय परंपराओं के आदान-प्रदान के लिए एक नए तंत्र का खाका तैयार किया जाएगा। भारत के नेतृत्व में यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिक्स देशों में सर्वाधिक धनी संसदीय परंपराएं भारत में हैं।  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक विशेष मुलाकात में कहा कि आज 110 देश भारत की संसदीय परंपराओं को सीखने-समझने के लिए हमसे प्रशिक्षण ले रहे हैं। हाल के वर्षों में भारतीय संसद ने जो डिजिटल पहलें शुरू की हैं, वह भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए चाहे वैश्विक मंच हो या ब्रिक्स के देश, सब भारतीय संसदीय परंपराओं से सीखने और उन्हें अपनाने को उत्सुक हैं।  यह भी पढ़ें- ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन से दुनिया भर में लोकतंत्र को मिलेगी मजबूती - बिरलासंसद...