नई दिल्ली, मई 17 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेज होती दौड़ का सीधा असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, शेयर बाजारों और निवेश पर दिखने लगा है। एआई चिप बनाने वाली कंपनियों के दम पर ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि भारत का शेयर बाजार दबाव में नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि भारतीय शेयर बाजार तीन साल बाद दुनिया के शीर्ष-5 सबसे बड़े बाजारों से बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं。 यह भी पढ़ें- निवेशकों के लिए खतरे की घंटी! FPI ने बाजार से निकाले करीब Rs.27,048 करोड़, क्या आने वाली है बड़ी गिरावट?बदल रही निवेश की दुनिया विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे 2000 के दशक में इंटरनेट ने दुनिया की अर्थव्यवस्था और कारोबार का ढांचा बदल दिया था, उसी तरह अब एआई नई आर्थिक क्रांति बनकर उभर...