भारतीय बैंकों की नजर अब जेन-जी पर
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- नई दिल्ली। भारत के बैंकों के सामने देश की करीब 40 करोड़ जेन जी आबादी को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का बड़ा अवसर है। हालांकि, युवाओं को अपने साथ जोड़ने की यह दौड़ सिर्फ पारंपरिक बैंकों के बीच नहीं है। नियोबैंक, पेमेंट बैंक, डिजिटल वॉलेट और फिनटेक कंपनियां भी युवाओं को आकर्षित करने के लिए तेजी से अपने उत्पाद और सेवाएं विकसित कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से अधिक से अधिक युवाओं को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की अपील की थी। इसके लिए अक्टूबर में एक महीने का अभियान शुरू किए जाने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य केवल युवाओं के बैंक खाते खोलना नहीं, बल्कि उनके साथ लंबे समय तक चलने वाला बैंकिंग संबंध बनाना है।
बैंकों के लिए 40 करोड़ ग्राहक वाला बड़ा बाजार भारत में...
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