नई दिल्ली, अप्रैल 29 -- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) सिर्फ आर्थिक करार नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच गहरे होते भरोसे, सहयोग और भविष्य की साझा संभावनाओं का प्रतीक भी है। इस समझौते के जरिये न सिर्फ व्यापारिक रिश्तों को नई गति मिलेगी, बल्कि किसानों, व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए भी नए दरवाजे खुलेंगे। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है और देशों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। एफटीए के तहत न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात पर लगभग सभी टैरिफ समाप्त कर देगा, जिससे भारतीय उत्पाद वहां सस्ते व अधिक प्रतिस्पर्द्धी बन जाएंगे। इसके जवाब में भारत भी न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में भारी कमी कर...