गोरखपुर, फरवरी 28 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'पुरातत्व एवं साहित्य के आलोक में भारतीय ज्ञान परंपरा' के उद्घाटन हुआ। संगोष्ठी का आयोजन राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सहयोग से किया जा रहा है। इस दौरान कुल 23 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की स्कॉलर और इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रोफेसर अनामिका राय ने कहा कि रामचरितमानसमानस हमारी सामाजिक परंपरा का भी अंग है और हमारे इतिहास का प्रतिबिंब भी, कालिदास और अभिनव गुप्त आदि कहते हैं कि हम वही कह रहे हैं जो पहले से कहा जा रहा है, हमारे कहे में कुछ नया नहीं है। कहा कि यक्षिणी की मूर्ति लोक परंपरा से जुड़ी हुई है। हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा प्रतिकों की ...
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