प्रयागराज, मई 30 -- झूंसी स्थित गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में शनिवार को भारतीय ज्ञान प्रणाली विश्वकोश के निर्माण के उद्देश्य से दो दिवसीय 'भारतीय ज्ञान मंथन' कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन तीन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, विज्ञान, न्याय व्यवस्था और वैदिक साहित्य के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रमुख वक्ताओं की राय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. केबी पांडेय ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध विरासत है, लेकिन विडंबना यह है कि आज भारत में ही उसके मूल स्वरूप की खोज करनी पड़ रही है। उन्होंने आयुर्वेद सहित भारतीय विज्ञान की प्राचीन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता बताई।

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