भारतीय ज्ञान परंपरा की बहुलता और संवादधर्मिता पर जोर
रांची, अगस्त 22 -- रांची, विशेष संवाददाता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में प्रवाह- विचारों का प्रवाह, संवाद की धारा और दृष्टिकोणों का संगम, व्याख्यान शृंखला के तहत शनिवार को '21वीं सदी में भारतीय ज्ञान प्रणाली: बौद्धिक परंपराओं पर रचनात्मक संवाद' विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के राजनीति अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर डॉ मनीन्द्र नाथ ठाकुर मुख्य वक्ता थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो राजीव मनोहर ने की। प्रो ठाकुर ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता, विविधता और संवादधर्मिता पर विस्तार से चर्चा की। यह भी पढ़ें- भारतीय ज्ञान परंपरा को किसी एक धर्म से जोड़कर देखना उचित नहीं : प्र...
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