गिरडीह, जून 6 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। गिरिडीह कॉलेज में चल रहे छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का चौथे दिन भारतीय ज्ञान परंपरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मूल्यांकन प्रणाली के अंतर्संबंध पर केंद्रित रहा। विभावि, हजारीबाग और आईयूसीटीई बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के चार सत्रों में दो विषय विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया। यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास का सशक्त माध्यमकार्यशाला के विषय विशेषज्ञ प्रथम व द्वितीय सत्र में एमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रितु चक्रवर्ती ने कहा कि एनईपी 2020 के तहत मूल्यांकन को केवल अंक आधारित प्रक्रिया न मानकर विद्यार्थियों के समग्र विकास, रचनात्मकता और नैतिकता को समझने का माध्यम बनाना होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक ...