प्रयागराज, फरवरी 15 -- गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान झूंसी में शनिवार को आयोजित 'भारतीय ज्ञान परंपरा: दार्शनिक आधार, साहित्यिक संस्रोत और लोक परंपराएं' विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि यह समय बौद्धिक पुनर्मूल्यांकन का महत्वपूर्ण अवसर है। भारतीय ज्ञान परंपरा एक अविरल और समावेशी धारा है, जो केवल सूचना का संकलन नहीं, बल्कि जीवन को समझने और आत्मबोध प्राप्त करने की सतत प्रक्रिया है। यह परंपरा समाज को चिंतन, संवाद और आत्मपरिष्कार की दिशा में अग्रसर करती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को भारतीय बौद्धिक विरासत को पाठ्यक्रम और शोध के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का दायित्व निभाना चाहिए। मुख्य वक्ता प्रो. रमा शंकर दुबे ने कहा कि भारतीय...
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