नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद की भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी ने मध्यावधि चुनावों में अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद का उद्देश्य लोगों की सेवा करना है, न कि प्रसिद्धि हासिल करना या व्यक्तिगत लाभ कमाना। रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार कोमातिरेड्डी का मुकाबला न्यूयॉर्क की मौजूदा डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स से था। एक्स पर पोस्ट में सरिता ने कहा, चुनाव अभियान ने यह दिखाया कि राजनीति का मतलब विभाजन और नफरत नहीं होना चाहिए, बल्कि यह लोगों को एकजुट करने का माध्यम भी बन सकती है। यह भी पढ़ें- अमेरिकी चुनाव में भारतवंशियों ने गाड़ा झंडा, कई उम्मीदवारों को मिली धमाकेदार जीत; पूरी लिस्ट सार्वजनिक पद का यही उद्देश्य है। ...