गंगापार, जून 16 -- भारतगंज, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बा भारतगंज में साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पिछले दो दशकों से कायम है। ताजिया जुलूस के मार्ग में स्थित एक नीम के पेड़ की फैली शाखाएं वर्षों तक प्रशासन और दोनों समुदायों के लिए चिंता का विषय बनी थीं। मोहर्रम के दौरान ताजियों के आवागमन में पेड़ की डालियां अवरोध पैदा करती थीं, जिससे हर वर्ष तनाव की स्थिति बन जाती थी।स्थायी समाधान वर्ष 2002 में उस समय निकला, जब तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष तजम्मुल हुसैन उर्फ मास्टर ने एक अभिनव सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों और दोनों समुदायों के समक्ष ताजिया मार्ग पर दोनों किनारों पर लोहे के खम्भे व ऊपर जालियां लगाने का प्रस्ताव रखा, जिससे ताजिया जुलूस भी निर्बाध रूप से निकल सके और पेड़ को भी कोई नुकसान न पहुंचे। यह भी पढ़ें- 12 फीट से...