लखनऊ, जून 10 -- समस्या -बीपीए छात्रों ने राज्यपाल को पत्र लिख न्याय की लगायी गुहार -छात्रों ने कहा कि एनईपी 2020 से लागू हुई तो चार वर्षीय बीपीए के बाद मास्टर डिग्री एक साल की होनी चाहिए लखनऊ, कार्यालय संवाददाता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के नियमों को लेकर विश्वविद्यालयों और छात्रों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। ताजा मामला भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय का है। जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत वर्ष 2022 में चार-वर्षीय बीपीए (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स) में प्रवेश लेने वाले छात्र अब अधर में लटके महसूस कर रहे हैं। छात्रों ने इस विसंगति को लेकर राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल को एक प्रार्थना-पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी है। छात्रों का कहना है कि नई शिक्षा नीति 2020 के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, जो विद्यार्थी 4-वर्षीय स्नातक (रिसर्च...