प्रयागराज, जनवरी 12 -- इलाहाबाद के सांसद उज्ज्वल सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने दो फरवरी 2006 को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक नरेगा अधिनियम लागू किया था, जिससे गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध हुआ। उस समय इस योजना में केंद्र सरकार की 90 प्रतिशत और राज्य सरकारों की मात्र 10 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार ने इसे बदलकर 40:60 का अनुपात कर दिया है, जिसमें 40 प्रतिशत का बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है। इससे मनरेगा को प्रभावी ढंग से आगे चलाना संभव नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने दावा किया था कि ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि हकीकत यह है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में औसतन केवल 53 से 60 प्रतिशत रोजगार ही लोगों को मिल पा रहा है। सांसद ने मनरेगा को मजबूत कर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.