बरेली, फरवरी 27 -- इंटरनेशनल सिटी में गुरुवार को पद्मश्री कैलाश खेर के स्वर ने सभी को महादेव की ऊर्जा से भर दिया। देर रात तक नाथ नगरी शिव महिमा के गीत गाती रही। बीच-बीच में दर्शकों की मांग पर कैलाश ने अपने सुपर हिट गीत भी सुनाए। लगभग साढ़े नौ बजे हर हर महादेव के स्वर के बीच कैलाश खेर ने मंच पर प्रवेश किया। उन्होने 'दूर उस आकाश की गहराइयों में, इक नदी से बह रहे हैं आदियोगी, शून्य सन्नाटे टपकते जा रहे हैं, मौन से सब केह रहे हैं आदियोगी, उतरें मुझ में आदियोगी-उतरें मुझ में आदियोगी' से मंच को सजाया। आदियोगी के इस गीत ने माहौल में अध्यात्म का पुट भर दिया। कैलाश ने इसमें तब्दीली लाने को मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया....प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगी रोशनी के बीच अब बारी थी आओ जी..आओ जी..और तौबा-तौबा रे तेरी सूरत गाने की। कौन है वो कौन है वो, कह...