इटावा औरैया, अप्रैल 14 -- इटावा, संवाददाता। श्रीमद् भागवत कथा में चौथे दिन गजेंद्र मोक्ष, बाली-वामन संवाद, राम जन्म एवं कृष्ण जन्मोत्सव जैसे अत्यंत भावपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया गया । इससे पूरा माहौल भक्ति पूर्ण हो गया। कथा वाचक आचार्य सरल जी महाराज ने गजेंद्र मोक्ष प्रसंग के माध्यम से बताया कि सच्चे हृदय से की गई प्रार्थना को भगवान अवश्य स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय ईश्वर का स्मरण ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा होता है। बाली-वामन संवाद के जरिए दान, त्याग और विनम्रता का संदेश दिया गया। राम जन्म प्रसंग में मर्यादा, आदर्श जीवन और धर्म पालन की महत्ता बताई गई, जबकि कृष्ण जन्मोत्सव के वर्णन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूम उठे। कथा पंडाल में परीक्षित के रूप में जागेश्वर दयाल पोरवाल, उनकी पत्नी आशा पोरवाल, यज्ञपति गौरव पो...