शाहजहांपुर, मार्च 11 -- श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर व्यास डॉ. आचार्य दामोदर दीक्षित ने श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भक्ति और जीवन मूल्यों का महत्व बताया। हिरण्यकश्यपु और भक्त प्रह्लाद का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विष्णु भक्ति के कारण प्रह्लाद को कष्ट दिए गए, लेकिन अंत में भगवान की कृपा से उनका संरक्षण हुआ। गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाते हुए बताया कि सच्चे मन से स्मरण करने पर भगवान भक्तों का उद्धार करते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत खन्ना परिवार के पुरोहित अनंतराम ने देव पूजन से कराई। पंडित रमेश त्रिपाठी, प्रसून त्रिपाठी और रामवाली ने हनुमान चालीसा व भजन प्रस्तुत किए। रामदुलारे त्रिगुनायत ने राम केवट संवाद और शिवकुमार सुमन ने किश्किंधा कांड का वर्णन किया। संचालन आचार्य रामानंद दीक्षित ने किया। मुख्य यजमान कमलेश कुमार खन्ना, ...