मुजफ्फरपुर, जनवरी 15 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कलियुग में भागवत का आश्रय लेने वाले को साक्षात भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। ये बातें श्री दुर्गा मंदिर गोला रोड में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बुधवार को व्यास पीठ से बाल संत पीयूष गिरि ने कही। कथा में भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। पीयूष गिरि ने कंस वध, भगवान का गुरुकुल प्रवेश, उद्धव जी की ब्रज यात्रा, जरासंध युद्ध, द्वारका का निर्माण, मुचकुंद चरित और कालयवन का भस्म होने का प्रसंग सुनाया। मंदिर समिति के सचिव सुबोध कुमार ने बताया कि अंतिम दिन बाल संत का अंग वस्त्र और फूल मालाओं से सम्मानित किया गया। कथा के समापन के पश्चात महाआरती और भंडारे का आयोजन किया गया।

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