बुलंदशहर, फरवरी 12 -- विमला नगर कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की ओर से पूतना वध और अन्य दैत्य के वध करने की घटना पर श्रद्धालुओं ने जय श्री राधे के जयकारे लगाए। कथा व्यास कृष्ण गोपाल शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण बचपन में जीतने नटखट थे। वह उतने की बुद्धिमान भी थे। माखन चोरी उनकी बाल लीला थी, जिससे वह गोकुल वासियों को अपनी लीलाओं पर मनोरंजन कराते और खुश रखते थे। उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सभी के साथ खेल, शरारतें कर आनंद लेना था। इसी खेल लीलाओं में उन्होंने पूतना व अन्य दैत्यों का वध कर दिया। मथुरा में जाकर पापी कंस का वध किया। भगवान कृष्ण की लीलाएं सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

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