हाजीपुर, मार्च 24 -- सहदेई बुजुर्ग। संवाद सूत्र श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण पूरे श्रद्धा एवं भक्तिभाव से करनी चाहिए। क्योंकि जहां यह कथा होती है वहां की धरती धन्य हो जाती है। उक्त बातें रामपुर कुम्हरकोल में चैती दुर्गा पूजा को लेकर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा वाचन करते हुए अयोध्या से पधारे कथा वाचक श्री शिवशरण जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से ही भगवान श्री हरि चित्त में आकर विराजमान हो जाते हैं और मुक्ति हमारे हाथों में विराजमान हो जाती है। कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के वाचन व श्रवण से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ती हो जाती है। संसार दु:खों का सागर है। प्रत्येक प्राणी किसी न किसी तरह से दुखी व परेशान है। कोई स्वास्थ्य से दुखी है, कोई परिवार, कोई धन, तो कोई संतान को लेकर परेशान है। सभी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए ईश...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.