गंगापार, जनवरी 24 -- भागवत कथा के सातवें दिन मेजा के चांद खम्हरिया में श्रोताओं की भीड़ रही। कथा वाचक राम अचल शुक्ल ने कहा कि भागवत कथा सुनने से मानव के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। जब जीव मां के गर्भ में होता है, तो प्रभु से याचना करता है, हे प्रभु हमें इस नर्क द्वार से बारह कर दो, हम आपको कभी भूलेंगे नहीं, वहां से इस संसार में आने पर जीव माया, मोह, अहंकार, लोभ के चक्कर में प्रभु का नाम स्मरण करना भूल जाता है, जिससे उसे कष्टों से छुटकारा नहीं मिलता। भागवत कथा श्रवण में पूर्व प्रधान चांद खम्हरिया श्री नारायण पांडेय, सिया दुलारी, राम दुलार, जटाशंकर, कामता प्रसाद पाठक, शान्ति देवी, हरी शंकर, रविशंकर, नितिन कुमार, ओम जी आदि रहे।
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