हाथरस, मार्च 27 -- सहपऊ। गांव नगला सुखराम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास श्रीधाम वृंदावन निवासी ताराचन्द्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में इन्द्र का मान मर्दन करने के लिए उसकी पूजा बंद करा दी । उन्होंने सभी ब्रजवासियों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के ​लिए कहा । ब्रजवासियों ने ऐसा ही किया । इससे कुपित होकर इन्द्र ने ब्रज में घनघोर वर्षा शुरू कर दी । भगवान श्रीकृष्ण ने सभी ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की और इन्द्र का मान मर्दन किया । अंत में इन्द्र ने आकर श्रीकृष्ण भगवान से चरणों में गिर कर माफी मांगी । कथा में आयोजक वीरेन्द्र शर्मा के अलावा काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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