हाथरस, मई 30 -- सहपऊ। गांव नगला बिहारी में चल रही भागवत कथा के आखिरी दिन कथावाचक दाऊनंद महाराज ने श्रद्धालुओं को कंस वध का प्रसंग सुनाया । उन्होंने बताया कि जब बृज मथुरा के अत्याचारी राजा कंस के अत्याचार अ​धिक बढ़ गए । इसके साथ ही उसके भगवान श्रीकृष्ण के मारने के सभी प्रयास विफल हो गए तो अंत में जाकर भगवान श्रीकृष्ण ने भाई बलराम के साथ मथुरा में आकर अत्याचारी कंस का वध किया। इसके बाद अपने माता-पिता वसुदेव एवं देवकी को कारागार से मुक्त कराया और महाराज उग्रसेन को मथुरा के सिंहासन पर बैठाया । इस दौरान परी​क्षित बने ओंकार सिंह प्रधान ओमवीर सिंह,कृष्णकांत, शशिकांत, रामगोपाल, हृदेश कुमार सुरेन्द्र शर्मा, तिलक सिंह ,शंकरलाल एवं पीताम्बर सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण ने कंस का संहार कर धर्म की स्थापना की

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