हाथरस, दिसम्बर 16 -- सहपऊ। क्षेत्र के गांव थरौरा में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन परम विदुषी कथावाचक संध्या चेतन ने श्रद्धालुओं को बताया कि जब गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम थोड़े बढ़े हुए तो महर्षि गर्गाचार्य ने उनका उपनयन संस्कार किया। यह संस्कार उनको ब्रह्मचर्य और विद्या-अध्ययन के तैयार करना था। इसमें दोनों भाईयों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई। इसके बाद उनका आध्यात्मिक जीवन शुरू हुआ और वह विद्या-अध्ययन के लिए गुरूकुल चले गए जहां उन्होंने सभी वेदों को साथ अन्य कई प्रकार की शिक्षा ग्रहण की। इस दौरान श्रीनिवास दरोगा, अरविंद यादव, बंशी वाले बाबा, जयप्रकाश यादव, संकेत यादव एवं काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। 19 गर्भवती महिलाओं का हुआ पंजीकरण सहपऊ। कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व पर...
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