मथुरा, मई 28 -- पुरुषोत्तम मास में अग्रसेन वाटिका आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास अनुराग कृष्णशास्त्री महाराज ने गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, राम चरित्र एवं कृष्ण जन्म की कथा का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने समुद्र मंथन प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए धैर्य, परिश्रम एवं संयम जरुरी हैं। वामन अवतार के माध्यम से भगवान विष्णु की भक्तवत्सलता तथा राजा बलि के त्याग और दानशीलता का वर्णन किया गया। वहीं श्रीराम चरित्र के माध्यम से मर्यादा, सत्य एवं आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव के प्रसंग पर कथा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए नंदोत्सव की झांकी का आनंद लिया। यह भी पढ़ें- भागवत कथा श्रवण से भक्तों के हृदय में बस जाते हैं प्रभु "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल...