दुमका, मार्च 22 -- मसलिया, प्रतिनिधि। मसलिया के नागरापथर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को वृंदावन से पधारे कथा वाचिका भारती किशोरी जी ने राधा कृष्ण के आरती के पश्चाद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस का शुभारंभ किया। बताया कि कैसे संसार को 'श्रीमद्भागवत महापुराण' प्राप्त हुआ और कैसे एक राजा के श्राप ने लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। कथा वाचिक भारती किशोरी ने बताया कि चारों वेदों, महाभारत और पुराणों की रचना के बाद भी महर्षि वेदव्यास जी का मन अशांत था। इसको लेकर वे सरस्वती नदी के तट पर चिंतामग्न थे। तभी देवर्षि नारद का आगमन हुआ,नारद मुनि ने महामुनि व्यास को समझाया कि उन्होंने अब तक केवल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की चर्चा की है, लेकिन भगवान की अनन्य भक्ति और उनकी लीलाओं का वर्णन नहीं किया। नारदजी की प्रेरणा से व्...