बुलंदशहर, दिसम्बर 31 -- अनूपशहर। नगर के कैलाश बिहार कॉलोनी में चल रही साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा में व्यास ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। नगर के कैलाश बिहार कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास अंकित गौड़ ने विवाह का प्रसंग सुनाया कि रुक्मिणी बचपन से ही श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मान चुकी थीं। जब उनके भाई ने शिशुपाल से विवाह तय किया, तब रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को एक ब्राह्मण के हाथों सात श्लोकों में प्रेम पत्र भेजा, जिसमें अपने मन की बात कही और प्रार्थना की कि वे आकर उन्हें ले जाएं, अन्यथा वे प्राण त्याग देंगी। पत्र पाकर श्रीकृष्ण तुरंत द्वारका से विदर्भ पहुंचे। उन्होंने देखा कि रुक्मिणी के विवाह की तैयारियां चल रही हैं और बारात आ रही है। विवाह मंडप से देवी की पूजा के लिए निकलते समय, श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी क...