भागवत कथा में महारास और रुक्मिणी विवाह का हुआ भावपूर्ण वर्णन
मथुरा, मई 15 -- ग्राम जुल्हेंदी स्थित दुर्गा माता मंदिर में ज्येष्ठ मास के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं भक्ति सत्संग के छठे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। बृहस्पतिवार को कथाव्यास ब्रजरत्न ब्रजवासी जगद्गुरु कृष्ण कन्हैया पदरेनू महाराज ने रास पंचाध्यायी का महत्व बताते हुए कहा कि भागवत के पंच गीत उसके पंच प्राण हैं। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु इन गीतों का श्रद्धा एवं भावपूर्वक गायन करता है तो उसे वृंदावन भक्ति की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण, कालयवन वध, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका स्थापना एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। यह भी प...
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