दुमका, अप्रैल 8 -- रामगढ़ प्रतिनिधि। प्रखंड अंतर्गत ठाड़ी ग्राम के पंचायत भवन के सामने आयोजित मंगलवार को श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथावाचक धनुधराचार्य ने श्रीमद्भागवत कथा में ध्रुव चरित्र और प्रहलाद चरित्र के माध्यम से अटूट भक्ति, विश्वास और विपरीत परिस्थितियों में भगवान की कृपा का व्याख्यान किया। उन्होंने बताया कि ध्रुव ने कठोर तप से व प्रहलाद ने विश्वास के बल पर भगवान विष्णु को प्राप्त किया। इससे यह सिद्ध करता है कि ईश्वर प्राप्ति के लिए आयु या साधन नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा आवश्यक है। आगे कथा में कथा वाचक ने बताया कि हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बावजूद भक्त प्रह्लाद ने कठिन परिस्थितियों में भी भगवान नारायण का स्मरण नहीं छोड़ा। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का संहार किया।वहीं ध्रुव चरित्र के माध्यम...