बस्ती, अप्रैल 7 -- छावनी। छावनी क्षेत्र बद्रीपुरवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पं राकेश मिश्र ने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाया। इस मौके पर भगवान कृष्ण बारात निकली। कथा व्यास ने कहा कि द्वारिका में रहते हुए भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का नाम चारों ओर फैल गया। विदर्भ देश में भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी विवाह योग्य हो गई तो भीष्मक को उसके विवाह की चिंता हुई। रुक्मिणी के पास जो लोग आते-जाते थे, वे श्रीकृष्ण की प्रशंसा किया करते थे। भगवान श्रीकृष्ण के गुणों और उनकी सुंदरता पर मुग्ध होकर रुकमणी ने मन ही मन पति मान लिया। भाई के विरोध बाद भी रुक्मिणी ने कृष्ण से विवाह कर लिया। कार्यक्रम में सत्यनरायन, लक्ष्मण चौहान, गोविन्द्र, भरत, रामकेवल सहित संख्या में श्रदालु लोग मौजूद रहे।

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