हापुड़, सितम्बर 5 -- नगर के काली मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास रोहित शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मनोहारी वर्णन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित से शुकदेव कहते हैं, कि संसार का कल्याण करने के लिए भगवान अवतार लेते कि जब-जब धर्म की हानि होती है। तब सज्जनों का कल्याण और राक्षसों का वध करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसके बाद कथा वाचक ने संगीतमयी चौपाइयों-जब-जब होई धर्म की हानि, बाढहि असुर अधम अभिमानी, तब-तब धरि प्रभु मनुज शरीरा, हरहि कृपा निज सज्जन पीरा आदि चौपाइयों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

भगवान श्रीकृष्ण का सम्मान कथावाचक ने प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में वासुदेव के यहां अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने अपने अंदर बुराई विद्यामान न रहे इसके ल...