औरैया, फरवरी 16 -- कंचौसी, संवाददाता। कंचौसी स्थित गमा देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर भावविभोर हो उठे। व्यासपीठ से आचार्य ऋषभ देव पांडेय ने कंस वध और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के कई प्रयास किए और अक्रूर के माध्यम से कृष्ण-बलराम को मथुरा बुलवाया, लेकिन अंतत: श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर माता-पिता और नाना उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया। रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि राजा भीष्मक ने पुत्र रुक्म के कहने पर रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था, जबकि रुक्मिणी मन से श्रीकृष्ण को पति मान चुकी थीं। उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजा, जिस पर कृष्ण विदर्भ पहुंचे और विवाह के दिन रुक्मिणी का हरण कर उन्...