संतकबीरनगर, दिसम्बर 4 -- मगहर, हिन्दुस्तान संवाद। श्रीमद्भागवत कथा को सुनने और उसके रसपान करने मात्र से मानव जीवन की नैया भवसागर से पार लग सकती है। जिस भी व्यक्ति ने सच्चे और निष्काम भाव से भगवत कथा का श्रवण किया है उसके जीवन की नैया अपने आप भवसागर से किनारे लग जाएगी। उक्त विचार वृंदावन धाम से पधारे पं. अजय कृष्ण शास्त्री ने नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में । व्यास पीठ से पं अजय कृष्ण शास्त्री जी ने अपनी मधुर वाणी और दिव्य संगीत धारा के माध्यम से भक्तों से कहा कि भगवत कथा गुरुमुखी है इसको सच्चे मन से श्रवण करना चाहिए तभी इसका फलदाई परिणाम मिलता है। कथा के रस में जब तक मन निष्काम भाव डुबकी नहीं लगाती है तब तक उसके भाव को नहीं समझ में आता है। जिस दिन भगवत कथा के रस को समझ लेंगे उसी समय से भगवत में लीन हो जाएंगे। उन्हों...
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