बस्ती, मई 20 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। बाघानाला गांव में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथावाचक ने कथा सुनाई। व्यास पंडित सुनील शास्त्री ने कथा का मर्म बताते हुए कहा कि व्यक्ति को कभी भी गुमान में नहीं रहना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा सिखाती है कि ईश्वर रंग-रूप, पद-प्रतिष्ठा और दान-धर्म से नहीं अपितु श्रद्धा और समर्पण भाव को देखते हैं। कथा सुनने से मन शुद्ध होता है और शुद्ध मन से ही संसार के समस्त झंझटों से मुक्ति मिलती है। कथावाचक द्वारा भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं जैसै माखन चोरी, ओखल में बंधे, कान्हा के मुख मे अनंत सृष्टि का दर्शन, कागभुशुण्डि संवाद, यमुना में कालिया नाग का मानमर्दन प्रसंगों पर मधुर गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह भी पढ़ें- गोवर्धन की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु नौ दिवसीय कथा ...