नई दिल्ली, जुलाई 31 -- केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हिमाचल प्रदेश और पंजाब एवं हरियाणा के बीच एक नए 'कैशलेस फार्मूले' के आधार पर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं से जुड़े बकाये के भुगतान का एक सौहार्द्रपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। पंजाब की ओर से प्रस्ताव का विरोध करने पर शीर्ष अदालत ने राज्य को फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सरकारों ने सैद्धांतिक रूप से केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति जताई है, लेकिन पंजाब सरकार ने इसका विरोध किया है। शीर्ष अदालत ने प्रस्ताव से सहमत नहीं होने को लेकर पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि उसे अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने की आदत है। सुप्रीम कोर्ट...