सीवान, मार्च 17 -- सीवान, निज संवाददाता। वीएमएचई इंटर कॉलेज के प्रांगण में श्रीराम कथा के आठवें दिन अंतराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भरत मिलाप और शबरी प्रसंग का वर्णन करते हुए पारिवारिक स्नेह और निर्मल भक्ति की महिमा का गुणगान किया। सीवान में चल रही श्रीराम कथा में पर्यावरण बोध को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके लिए श्रद्धालुओं को पंच पल्लव के पौधे जहां वितरित किए गए, वहीं रविवार को रेनुआ स्थित मंदिर और भरौली मठ पर राजन जी महाराज द्वारा पंच पल्लव के पौधों का रोपण किया गया और उन पौधों की सेवा और संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। भरौली मठ पर महंत स्वामी रामनारायण दास जी महाराज ने राजन जी का स्वागत किया।कथा के दौरान राजन जी महाराज ने पारिवारिक स्नेह के महत्व पर प्रकाश डाला। जब भरत भगवान श्रीराम से मिलने पहुंचे तो उन्होंने भगवान से वापस लौट...