गुड़गांव, अगस्त 27 -- गुरुग्राम, अमर मौर्य। रक्षाबंधन का मतलब बहनों को बाहरी संकट से बचाना नहीं है, बल्कि बहनों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें केवल रक्षा की नहीं, बल्कि बराबरी और सम्मान की जरूरत है। ऐसा ही गुरुग्राम के सेक्टर-108 शोभा सिटी सोसाइटी के भाई ने दो बहनों की करियर में मददगार बनाकर इतना सक्षम बनाया है कि उन्हें किसी की रक्षा की ज़रूरत ही न पड़े। प्रवीण कौशल ने कहा कि दो भाईयों में सगी बहन नहीं है। बचपन से मौसी की बेटी को सगी बहन की तरह राखी बांधती हैं। बहन नेहा और शिक्षिया पढ़ी लिखी थीं, पर नौकरी नहीं मिल रही थी। यह भी पढ़ें- Ghaziabad News: बहनों के सपनों के लिए पढ़ाई छोड़ी, मजदूरी कर भाई बना परिवार का सहारा घर में सब कहते थे कि शादी कर दो। मुझे ये मंज़ूर नहीं था। मैंने जान पहचान वालों से बात की, उनका रिज़्यूम बनवाकर साक्षात्कार की...