भविष्य की तकनीक और भारत की विकास-यात्रा पर मंथन
गया, सितम्बर 24 -- सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) की संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) की ओर से विवेकानंद व्याख्यान परिसर सभागार में 'टेक्नोलॉजी विजन 2035' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। डीवाई पाटिल अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, पुणे के पूर्व कुलपति और एएसपीएल फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं सह-संस्थापक प्रो. रंजन ने टेक्नोलॉजी विजन की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसकी परिकल्पना 1993 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के कार्यकाल में टीआईएफएसी के अंतर्गत शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी विजन को भविष्यवाणी के बजाय भारत की जरूरतों और तकनीकी संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार रणनीतिक रोडमैप के रूप में समझना चाहिए।प्रो. रंजन ने स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, आवास और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी को...
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