नई दिल्ली, मार्च 11 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एनसीईआरटी की आठवीं की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के चैप्टर वाले विवाद के बाद सोशल मीडिया पर की गई कुछ 'गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों' पर सख्ती दिखाई। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने केंद्र सरकार से उन वेबसाइट्स की और उन लोगों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिन्होंने ऐसे कंटेंट्स को पब्लिश किया। सीजेआई सूर्यकांत ने दो टूक कहा कि ऐसे लोग भले ही देश के बाहर भी छिपे हों, वह उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। 'लाइव लॉ' के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''कुछ लोगों ने मीडिया में गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है। हमें यकीन है कि इसे सीधे तरीके से कहना चाहिए। हम भारत सरकार को निर्देश देते हैं कि ऐसी साइट्स, इनके पीछे लोगों की पूर...