अररिया, मई 26 -- अररिया, निज संवाददाता सरकार विकास के चाहे लाख दावे कर ले, लेकिन अररिया की यह तस्वीर ने विकास हर दावों की पोल खोल कर रख दी है।यहां एक अदद पुल नहीं होने से, आज भी दर्जनों गांव के लोग अपनी और बच्चों की जान जोखिम में डालकर चचरी पुल के सहारे आवागमन करने के लिए मजबूर हैं। 21वीं सदी में जब लोग चांद और मंगल पर पहुंच रहे हैं। हर तरफ विकास की गंगा बहाई जा रही है, नदी से लेकर समुंद्र तक पर पुल बनकर तैयार है। बावजूद दर्जनों गांवों लोग इस दौर में भी चचरी पुल के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर है। ग्रामीण एक स्थाई पुल की आस में पलकें बिछाएं हैं। दरअसल अररिया सदर प्रखंड के झमटा व बटुरबाड़ी पंचायत के बीच बहने वाली भलुआ नदी के नव्वा पाखर घाट पर पुल न बनने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय से इस इलाके के लोग पुल निर्माण की मा...