सीवान, मार्च 28 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। नगर पंचायत हसनपुरा के उसरी बुजुर्ग स्थित शिव मंदिर प्रांगण में रामनवमी सेवा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस एवं नवाह परायण श्रीराम कथा के अंतिम दिन शुक्रवार को कथावाचक डॉ. लवी मैत्रेयी ने भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग सुनाया, जिसमें श्रद्धालु भक्त भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि भरत मिलाप, सीता मिलन, रावण वध और राज्याभिषेक-धर्म, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक है। भरत मिलाप में भरत अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम और निष्ठा दिखाते हैं। वे अयोध्या का राजसिंहासन स्वीकार नहीं करते और राम की खड़ाऊँ रखकर राज्य का संचालन करते हैं। यह प्रसंग भ्रातृ प्रेम और त्याग का सर्वोच्च उदाहरण है।सीता मिलन का प्रसंग तब आता है जब सीता का हरण रावण द्वारा किया जाता है, लंबे संघर्ष के बाद राम उन्हें ...