भरत जी का श्री राम के प्रति प्रेम निस्वार्थ
देहरादून, जून 19 -- श्री श्याम सुंदर मन्दिर पटेल नगर में 43 वें वार्षिक उत्सव पर आयोजित श्री राम कथा के सप्तम दिवस शुक्रवारको डॉ. कमल किशोर ने कहा त्याग प्रेम और धर्म निष्ठता की अद्भुत मिसाल भरत चरित्र है। भरत जी का श्री राम के प्रति प्रेम निस्वार्थ है। उन्होंने कहा धर्म एवम परिवार के लिए अपने सुखों का त्याग करना ही महानता है। भरत ने त्याग और प्रेम की अद्भुत मिसाल कायम करते हुए अयोध्या के सिंहासन का त्याग किया और भगवान श्री राम की चरण पादुका को सिंहासन पर स्थापित करके स्वयं को सेवक और प्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा की। कथा व्यास डॉ कमल किशोर ने केवट प्रसंग सुनाते हुए कहा केवट राम से कहता है कि आप भव सागर से पार कराते है मै संसार सागर से। मैं आपको अपनी नाव से आपको गंगा पार करा रहा हूं, आप भव सागर से मुझे पार करा देना ताकि 84 कोटि योनियो...
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